पटिहन रोड पर तीन फीट पानी, दर्जनों गांवों का पलिया से संपर्क कटा
नेपाल से आए पानी और बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी ने बढ़ाई मुश्किलें, डिग्री कॉलेज व फायर स्टेशन में घुसा बाढ़ का पानी
निर्जेश मिश्र, पलिया क्षेत्र में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नेपाल से आए पानी के कारण क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पटिहन रोड पर करीब तीन फीट पानी चलने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का पलिया से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों को सम्पूर्णानगर रोड से होकर पलिया पहुंचना पड़ रहा है।ग्राम घोला, निषादनगर, अतरनगर, गजरौला, मुंजहा, बंशीनगर और बेलहिया सहित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ का पानी पलिया डिग्री कॉलेज परिसर में भी भर गया, जिसके चलते शिक्षण कार्य बंद करना पड़ा। वहीं फायर स्टेशन में करीब तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। पानी कर्मचारियों के आवासों तक पहुंच जाने से उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।दुधवा रोड पर बंशीनगर स्थित रपटा पुल पर भी बाढ़ का पानी चलने लगा है। बताया जा रहा है कि पानी के तेज बहाव के चलते रपटा पुल धंस गया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर यहां आवागमन बंद कर दिया गया है। पलिया कोतवाली के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।उधर, बनबसा बैराज से पानी रिलीज किए जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। इसके चलते आबादनगर, बरबादनगर, श्रीनगर और मेलाघाट समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ ही सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है।
पलिया एसडीएम पुष्पक ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की विभीषिका के बीच बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित बचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। वहीं पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि बंशीनगर में रपटा पुल से आवागमन के दौरान लोगों की सुरक्षा की दृष्टि के मद्देनज़र पुलिस तैनाती की गयी है।पुलिस टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है।
