79 करोड़ 92 लाख की लागत से बना फ्लाईओवर, एक साल में ही उखड़ने लगा एप्रोच मार्ग घटिया निर्माण की खुली पोल, जगह-जगह बने खतरनाक गड्ढे; राहगीरों की सुरक्षा पर मंडरा रहा संकट
गोण्डा । करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए सोनी गुमटी फ्लाईओवर का एप्रोच मार्ग महज एक साल के भीतर ही बदहाल होने लगा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों की परियोजना में सड़क की यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।गोंडा-उतरौला मार्ग पर स्थित सोनी गुमटी फ्लाईओवर का निर्माण करीब 79 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें जाम और आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन एप्रोच मार्ग की खराब हालत ने राह आसान करने के बजाय नई मुश्किल खड़ी कर दी है।एक साल में ही उखड़ने लगी सड़कस्थानीय लोगों के मुताबिक फ्लाईओवर पर आवागमन शुरू हुए अभी करीब एक वर्ष ही हुआ है, लेकिन एप्रोच मार्ग पर जगह-जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।फ्लाईओवर से उतरते ही एप्रोच मार्ग की खराब स्थिति वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। खासकर दोपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार इन गड्ढों के कारण जोखिम उठाकर गुजरने को मजबूर हैं।गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क एक साल में ही टूटने लगे तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। लोगों ने संबंधित विभाग से एप्रोच मार्ग की तकनीकी जांच कराने, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की पड़ताल करने और जिम्मेदार कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।सेतु निगम ने जल्द मरम्मत का दिया भरोसा मामले में सेतु निगम के सहायक अभियंता राम सुभर सिंह के अनुसार एप्रोच मार्ग पर बने गड्ढों को जल्द भराया जाएगा। उन्होंने बारिश के बाद समस्या का स्थायी समाधान कराने की बात कही है।अब सवाल यह है कि 79 करोड़ 92 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार परियोजना का एप्रोच मार्ग आखिर इतनी जल्दी कैसे बदहाल हो गया? यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ था तो सड़क के एक वर्ष के भीतर क्षतिग्रस्त होने की वजह क्या है? इन सवालों का जवाब जिम्मेदार विभाग और कार्यदायी संस्था से अपेक्षित है।
