January 13, 2026

लखीमपुर खीरी। जनपद में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार को शहर के दो तालाबों में सीएमओ डॉ सतोष गुप्ता द्वारा गैम्बुजिया (लार्वा भक्षी) मछली को डाला गया


लखीमपुर खीरी। जनपद में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार को शहर के दो तालाबों में सीएमओ डॉ सतोष गुप्ता द्वारा गैम्बुजिया (लार्वा भक्षी) मछली को डाला गया।उन्होंने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने / मच्छरों के लार्वा के घनत्व को कम करने तथा शासन से प्राप्त निर्देशों तथा लोकहित के दृष्टिगत गैम्बुजिया (लार्वा भक्षी) मछली को राजापुर एवं नौरंगाबाद स्थित तालाबों में डाला गया है। जनपद वेक्टर जनित रोगों के लिए संवेदनशील रहा है। अधिकांशतः वेक्टर जनित रोगों का प्रसार मच्छर के काटने से फैलता है। इसलिए मच्छरों को प्रजनन से रोकना / मच्छर के लार्वा के घनत्व को कम करना वेक्टर बार्न डिजीज का जनमानस में फैलने से रोकने का एक प्रमुख घटक है। गैम्बुजिया मछली मच्छरों के लार्वा को खा जाती है, जिससे कि मच्छरों के लार्वा का घनत्व कम हो जाता है एवं मच्छरों का प्रजनन कम हो जाता है।गैम्बुजिया मछली को “मास्कीटो फिश” के नाम से जाना जाता है। ये मछली मच्छरों के लार्वा को खाकर उनकी तादात बढने से रोकती है जिससे मच्छरों से होने वाली बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू इत्यादि पर प्रभावी नियंत्रण होता है। गैम्बुजिया मछली मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए “जैविक एजेंट” के तौर पर व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है। एक पूर्ण विकसित गैम्बुजिया मछली प्रतिदिन करीब 300 मच्छरों के लार्वा खाती है।


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