लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में लगभग 18 बच्चों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में लगभग 18 बच्चों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इस दुखद घटना को ‘सिस्टम की घोर लापरवाही’ का परिणाम बताया जा रहा है, जिसने कई परिवारों को अपने भाई, बेटे और बेटियों से हमेशा के लिए छीन लिया है।इस भयावह त्रासदी के बाद, देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह, साथ ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों का कुशल क्षेम जाना और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हालांकि, इन आश्वासनों के बावजूद, मूल प्रश्न अब भी बना हुआ है कि इस भीषण अग्निकांड का वास्तविक जिम्मेदार कौन है? लेख में आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश में न जाने कितने ऐसे कोचिंग सेंटर अवैध रूप से चल रहे हैं, जिनकी सरकार को भनक तक नहीं है। या यह भी कहा जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी इन पर कार्रवाई नहीं करना चाहते, क्योंकि ‘समय-समय पर उनकी जेबें गर्म होती रहती हैं’। इस स्थिति के कारण, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, और इस पूरी व्यवस्था को ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ की संज्ञा दी गई है, जो व्यवस्थागत खामियों और कथित भ्रष्टाचार पर एक तीखा प्रहार है।
