ग्रामीण इलाकों में गर्भवती व धात्री महिलाओं, किशोरियों, कुपोषित समेत 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को बंटने वाला गेहूं, चावल, सोयाबीन आयल, अरहर दाल कागजों तक सीमित,दी गई चने की दाल
लखीमपुर : ग्रामीण इलाकों में गर्भवती व धात्री महिलाओं, किशोरियों, कुपोषित समेत 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को बंटने वाला गेहूं, चावल, सोयाबीन आयल, अरहर दाल कागजों तक सीमित,दी गई चने की दाल वितरण में जमकर हो रही धांधली, नहीं बांटा गया राशन व अन्य सामान, गांवों में बंटने के बजाय जिम्मेदारों ने किया बंदरबांट,गेहूं, चावल, दाल व सोयाबीन आयल का बीते माह अप्रैल में स्वयं सहायता समूहों ने किया है उठान,गांवों में संचालित स्वयं सहायता समूहों को बांटने की दी गयी है जिम्मेदारी क्या है आदेश 6 माह से 3 वर्ष के बच्चे को 1किग्रा सोयाबीन आयल,1किग्रा अरहर दाल,1किग्रा चावल व 1किग्रा गेहूं दिया जायेगा। 3 से 6 वर्ष के बच्चे को आधा किग्रा दाल, चावल व गेहूं तीनों चीजें दी जायेगीं कुपोषित बच्चे को दो किग्रा दाल, डेढ़ किग्रा गेहूं व चावल,1किग्रा सोयाबीन आयल दिया जायेगा।गर्भवती, धात्री महिला व किशोरी को 1किग्रा दाल, डेढ़ किग्रा गेहूं, 1किग्रा चावल, 1 किग्रा सोयाबीन आयल दिया जायेगा।
