कानपुर विश्वविद्यालय के कार्यालयों में निजी महाविद्यालयों के प्रबन्धको का प्रवेश हुआ प्रतिबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य/प्राचार्या अथवा महाविद्यालय कर्मी प्रतिनिधि के रूप में अधिकारिक पत्र के साथ पा सकेगा प्रवेश
कानपुर : छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने एक आदेश (06.07.2021) जारी कर विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों में स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रबन्धको के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। कुलपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार महाविद्यालय प्रबन्धक का कार्य समाजसेवा व महाविद्यालय की व्यवस्था व संचालन है। लेकिन आये दिन यह देखा जाता है कि स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के अधिकांश प्रबन्धक विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों में बैठे मिलते हैं, जो कदापि उचित नहीं है। आदेश के तहत अब महाविद्यालयों के कार्य हेतु महाविद्यालय प्राचार्य/ प्राचार्या या इनके द्वारा नामित महाविद्यालय कर्मी प्रतिनिधि के रूप अधिकार पत्र के साथ सीधे विश्वविद्यालय कार्यालयों में प्रवेश करने बजाय प्रातः 10 बजे से 11 बजे के बीच विश्वविद्यालय के जनसमपर्क विभाग में निम्नांकित औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।
1. आवश्यक स्थिति में विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत आमंत्रण पत्र के बिना कोई भी प्रबन्धक प्रशासनिक भवन व अन्य कार्यालयों में प्रवेश नहीं करेंगे।
2. प्राचार्य/प्राचार्या व प्रतिनिधि अपने अधिकार पत्र के साथ जनसमपर्क विभाग से प्राप्त फार्म A को पूरित करेंगें।
3.कर्मी जनसमपर्क विभाग में अपने कार्य से सम्बंधित सभी जानकारी फार्म में भर कर व सभी आवश्यक पत्रावली जमा करेगा।
4.कार्य की प्रकृति के अनुसार शीघ्र अतिशीघ्र निस्तारण की सूचना मैसेज के द्वारा दी जायेगी।
5. कुलपति के स्तर पर निस्तारित होने वाले कार्यों की सूचना कालान्तर में कर्मी को मैसेज द्वारा दी जायेगी।
6. महाविद्यालय कर्मी अतिआवश्यक होने पर जनसंपर्क विभाग के सहयोग से सम्बंधित अधिकारी से बात कर सकेगा।
7.कोई भी महाविद्यालय कर्मी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन व अन्य कार्यालयों में बिना अनुमति प्रवेश नहीं करेगा।
