January 14, 2026

नगर निगम सिंगरौली में सेवानिवृत्ति रिटायरमेंट बना मजाक बेरोजगार युवाओं को नगर निगम सिंगरौली नहीं दे रहा मौका


सिंगरौली:बताते चलें कि किसी भी विभाग में सेवानिवृत्ति का एक नियम है कोई भी शासकीय कर्मचारी 60 वर्ष तक नौकरी करता है ।उसके बाद शासन के नियमानुसार को रिटायरमेंट होता है परंतु विगत 2 वर्ष पूर्व शिवराज सरकार ने 60 से 62 वर्ष की उम्र कर दी थी किसी भी शासकीय कर्मचारी की रिटायरमेंट के दौरान उसके सेवानिवृत्ति के बाद उसको जीपीएफ ,पीएफ ,धीमा आदि कई चीज मिलाकर टोटल 15 से 20 लाख मिलते हैं और अगले महीने से 15 से 20 हजार रुपये पेंशन शुरू हो जाती है ताकी अपना जीवन यापन कर सके।
उस स्थान पर युवाओं को मिलना होता है मौका
सरकार के द्वारा उस रिक्त स्थानों पर नए युवाओं को जगह मिलना होता है जिससे किसी भी युवा के परिवार की रोजी-रोटी चल सके परंतु नगर निगम सिंगरौली में रिटायरमेंट की प्रक्रिया एक मजाक बन कर राह गई है। कर्मचारी जो 62 वर्ष के बाद रिटायर हो गए हैं उनको पेंशन भी मिल रही है परंतु नगर निगम के पद का मोह घुस भ्रष्टाचार से नही छूट रहा है फिर से संविदा पर कार्य कर रहे हैं जिससे नए युवाओं को मौका नहीं मिल पा रहा नगर निगम उनके बदले में अगर नए युवाओं को मौका दें तो वह 8 से 10 हजार तक मे अपना परिवार पाल सकते हैं ।। और भ्रष्टाचार भी कम होगा लेकिन जो अधिकारी कई वर्षों से उसी विभाग में नौकरी कर रहे है और रिटायरमेंट के बाद 10 हजार के लिए संविदा में कार्य करें इससे यह प्रतीत होता है कि भ्रष्टाचार फैलाने के मकसद से संविदा में नौकरी कर रहे है।।
रिटायरमेंट के बाद भी आवास नहीं खाली कर रहे नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी
रिटायरमेंट के बाद भी छः सात महीने तक लोगों ने आवास खाली नहीं किया है उदाहरण के स्वरूप
1 – बाबूलाल विश्वकर्मा – ए आर आई के पद से लगभग 62 वर्ष की उम्र में रिटायर हुए थे परंतु आज 72 साल के हो गए हैं और नगर निगम में लगातार राजस्व विभाग में कार्य कर रहे है । सरकारी नौकरी से रिटायरमेंट होने के बाद भी उसी विभाग में संविदा पर 10 ,12 हजार रुपये पेमेंट पर काम कर रहे हैं। उससे ज्यादा तो उन्हें पेंशन मिलती होगी आखिर रिटायरमेंट के बाद नगर निगम के ही अधिकारियों को क्यों रखा रहा है। पुराने अधिकारियों को संविदा में रखने की वजह से नए युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है। लोगो ने कहा कि वही अधिकारी जमकर घुस ले रहे है एवं भ्रष्टाचार फैला रहे हैं।
2 – राजाराम विश्वकर्मा – आर आई के पद से 62 वर्ष के पद पर रिटायर हुए हैं परंतु अभी 2021 तक नौकरी कर रहे हैं राजस्व विभाग में काम कर रहे हैं। जिससे नए युवाओं को मौका नहीं मिल रहा है, और नगर निगम में भारी भ्रष्टाचार फैलता जा रहा है। कमिश्नर एवं जिला प्रशासन की अनदेखी की वजह से सारे नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है अब यह देखना बाकी होगा कि क्या नगर निगम से ही रिटायर हुए अधिकारियों को पुनः संविदा पर रख लिया जाएगा या उन्हें हटाया जाएगा। नही तो फिर जमकर भ्रष्टाचार फैलाया जाएगा।इसी प्रकार सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि श्याम बिहारी तिवारी स्टोर कीपर जो 62 वर्ष की उम्र में 31- 12- 2020 को रिटायरमेंट हुए थे उनको आयुक्त महोदय द्वारा संविदा नौकरी हेतु आश्वासन दिया गया है और चारों ओर से सिफारिश लगा रहे हैं इस प्रकार 62 वर्ष रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन ले रहे हैं और 63 वर्ष में नौकरी 10 हजार की करना चाहते हैं। केवल घुस और भ्रष्टाचार हेतु जो कि जायज नहीं है इस प्रकार अगर इन्हीं संविदा कर्मियों को हटाकर इनकी जगह नए युवाओं को मौका दिया जाए तो उन कई युवाओं के घर का भरण पोषण चल सकेगा और एक समाज में नई दिशा प्रदान की जा सकेगी।लेकिन अगर अब ऐसा हुआ तो कमिश्नर एवं जिला प्रशासन के खिलाफ राजनीतिक दल आंदोलन भी छेड़ सकते हैं। निगम के द्वारा नए युवाओं को मौका ना देकर रिटायर कर्मचारियों को संविदा में जो रोजगार दे रही है उन्हें हटाया जाए और जो अधिकारी रिटायर होने के बाद भी आवास पर कब्जा किए हैं उस आवास को खाली कराए और नए लोगों को मौका देना चाहिए।


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