जन्मदिन के शुभ अबसर पर उपजिलाधिकारी ने बुजुर्ग सहित नाबालिग बालिका का किया ऐतिहासिक फैसला
खीरी:मोहम्मदी अपने बुजुर्गों पिता और और मृतक बड़े भाई की बेटी को घर से निकाल कर पिता की संपत्ति पर एकाधिकार कर बुजुर्ग पिता और नाबालिग बेटी के भरणपोषण का एक मामला सुलह अधिकारी सत्य प्रकाश शुक्ला के माध्यम से उप जिलाधिकारी स्वाति शुक्ला के संज्ञान में आया, इस पर उप जिलाधिकारी में कड़ा निर्णय लेकर समझौता कराकर ऐतिहासिक फैसला किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मदी के दुल्हापुर किसान के भगवानदीन उम्र 80 वर्ष को उनके बेटे रामसनेही ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था, बुजुर्ग भगवानदीन और अपनी पोती 8 वर्ष को लेकर तिलहर में निवास करने लगे ,भगवान दीन के तीन बेटे थे जिसमे दो वेटो और बहू की मृत्यु पहले हो चुकी है ,वही रामसनेही ने सारी जायदाद पर कब्जा कर अपने पिता की संपत्ति को बेचने का काम शुरू कर दिया,तथा पिता और अपनी नाबालिग भतीजी को मारपीट कर घर से निकाल दिया, भरण पोषण के माध्यम से उप जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए समझौते के आधार पर तत्काल प्रभाव से पिता की संपत्ति की मेड़बंदी कराने के लिए तत्काल प्रभाव से आदेश दिए, वही 8 साल की पोती जिसके पिता और मां दोनों का देहांत हो चुका है,उसके नाम आधी जमीन का बैनामा कराने के आदेश दिए हैं, जिससे बुजुर्ग भगवान दीन और नाबालिग बेटी के भरण पोषण और शिक्षा सही तरीके से चल सके ,वही सुलह अधिकारी सत प्रकाश शुक्ला ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बहुत ही ऐतिहासिक और सराहनीय फैसला किया है ,जिससे बुजुर्ग पिता के भरण पोषण के साथ-साथ पोती की शिक्षा और भरण पोषण जमीन के आधार पर हो सकेगा।
