वायरल बुखार व डेंगू बुखार ने घर घर में अपने पांव पसार लिऐ
यूपी: वायरल बुखार व डेंगू बुखार ने घर घर में अपने पांव पसार लिऐ है वायरल बुखार से ज्यादातर मरीज ग्रस्त है। बुड़े बच्चे सभी इस बुखार की चपेट में आ रहे है। मरीज सरकारी अस्पताल जाते है लेकिन वहां पर कोई व्यवस्था न होने के चलते मरीज आज भी झोला छाप डाक्टरों से इलाज करवाने के मजबूर है।
कई डाक्टर वायरल बुखार को बता देते है डेंगू के लक्षण
कस्बा के कई बार ऐसे डाक्टरों को देखा गया है कि खून की रिपोर्ट में मरीज को वायरल बुखार होता है लेकिन झोलाछाप डाक्टर इतने इंटेलिजेंट होते हैं कि वायरल बुखार को डेंगू के लक्षण बता देते हैं और मरीजों के बोतल भी लगाई जाती है और कहा जाता है कि जल्द से जल्द आराम मिल जाएगा जबकि देखा जाए तो कस्बा में एक नहीं बल्कि कई ऐसे झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानों को सजा कर बैठे हुए हैं जो मरीजों को लाल पीली गोली देकर उनका इलाज कर रहे हैं तथा उनको इंजेक्शन व बोतल लगाकर उनका इलाज कर रहे है,, वहीं अगर स्वास्थ्य विभाग की बात की जाए तो स्वास्थ्य विभाग जानबूझकर भी अनजान बना बैठा है। झोलाछाप डॉक्टर इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी कमाई कर रहे है तथा उनकी जान के साथ भी खिलबाड़ कर रहे है।
खून जांच के नाम पर भी हो रही है अवैध बसूली
कस्बा बकेवर में आधा दर्जन से अधिक पैथोलॉजी लैब खुले हुए हैं जबकि इसमें कई पैथोलॉजी लैब अवैध तरीके से चल रहे हैं वही जांचों के नाम पर मरीजों से भारी भरकम पैसों की वसूली की जा रही है वही सूत्रों द्वारा जानकारी मिली है की कस्बा बकेवर लखना महेवा अहेरीपुर के झोलाछाप डाक्टर व पैथालाॅजी लैब संचालकों के संपर्क आपस में होते हैं डाक्टर मरीजों को अपने चहते पैथालाॅजी लैब पर भेजा जाता है तथा उनसे जांच के नाम पर भारी वसूली की जाती है वही मरीज के द्वारा जानकारी मिली है कि डेंगू की जांच की जांच के नाम पर ₹500 से लेकर ₹700 तक की वसूली की जा रही।
