हाथी ने बिगाड़ी सबकी चाल निघासन में कोई भी दल किसी से पीछे नही घमासान होने की उम्मीद
निघासन खीरी :धूप निकलने के बाद से प्रत्याशियों में भी ऊर्जा का सृजन हुआ है।कांग्रेस,भाजपा,सपा,और बसपा प्रत्याशियों ने गांव गांव में धमाचौकड़ी मचाना शुरू कर दी है।कोरोना की शर्तों के बीच होने वाले इस चुनाव में शांतिपूर्ण ढंग से प्रत्याशी प्रचार,प्रसार कर रहे है।सबसे ज्यादा सोशल मीडिया प्रचार का अहम अड्डा बना हुआ है।विभिन्न दलों के समर्थक अपने -अपने चहेती पार्टी के प्रत्याशियों को फेसबुक के मंच पर टैग करके वोट देने की गुजारिश कर रहे है।वहीं मीडिया से दूरी बनाए प्रत्याशियों ने व्हाट्सएप ग्रुपो के माध्यम खुद ही प्रचार की बागडोर संभाल रखी है।वहीं चुनावी गपशप की बात की जाए तो राजनीतिक पंडितों के मुताबिक हाथी ने अन्य दलों की चाल धीमी कर रखी है।भाजपा के एक मुश्त वोटर को खींचने का भी प्रयास बसपा कर रही है और सपा में अपनों की रार ने बसपा को मजबूती प्रदान की है वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी ब्राह्मण चेहरा अटल शुक्ल भी धुंआधार चुनावी दौरा कर रहे है इसके अलावा कांग्रेस के घोषणाओं को जन जन तक पहुचाने का भी काम कर रहे है वहीं चर्चा है कि कांग्रेस ने जो घोषणाए की है वह अन्य दलों से बेहतर है जिसके चलते निघासन में कांग्रेस भी अपनी पैठ जमाए हुए है।जबकि निघासन क्षेत्र में इन दिनों चुनावी चर्चाएं भी शबाब पर चल रही है चौराहे,नुक्कड़,गली,गलियारों और होटल,चाय की दुकाने अन्य प्रतिष्ठानों में चुनावी चर्चा जोरों पर हो रही है।लोग निघासन में दबे मुद्दों का भी जिक्र करते नजर आते है।हालांकि चुनाव मौसम में लोग अंदाजन भाजपा,सपा, बसपा,त्रिकोणीय लड़ाई होने के कयास लगा रहे है।
अगर मुस्लिम वोटर बसपा की तरफ मुड़ा तो होगी कड़ी टक्कर
चुनावी समीकरण निघासन में कुछ ऐसा बना है कि मुस्लिम बिरादरी में खींचतान मची हुई है।अगर यह वोट बैंक बसपा प्रत्याशी के समर्थन में झुका तो परिणाम बदलने में भी देर नही लगेगी और बसपा भाजपा की सीधी टक्कर होगी।दलितों के साथ मुस्लिम बसपा को ठोस मजबूती प्रदान करेंगे।अभी यह कहना मुनासिब नही कि समय क्या खेल दिखाता है।
