January 14, 2026

यूक्रेन रूस युद्ध कड़े प्रतिबंधों के बाद डालर के मुकाबले रूसी करेंसी रूबल में आई एतिहासिक गिरावट, जेंलेंस्‍की ने कहा- अगले 24 घंटे बेहद खास


यूक्रेन रूस युद्ध कड़े प्रतिबंधों के बाद डालर के मुकाबले रूसी करेंसी रूबल में आई एतिहासिक गिरावट, जेंलेंस्‍की ने कहा- अगले 24 घंटे बेहद खास
रूस से जारी तनाव और युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्‍की ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन के अलावा पौलेंड के राष्‍ट्रपति एंड्रेज डूडा से रूस के हमले के संबंध में बात की है। इस बातचीत में तीनों राष्‍ट्र मिलकर रूस का जवाब देने को भी राजी हुए हैं। एक ट्वीट में जेलेंस्‍की ने बताया है कि उनकी इन दोनों राष्‍ट्राध्‍यक्षों से बातचीत रविवार को हुई थी। इसमें सभी रूस के खिलाफ एक साझा कदम उठाने को तैयार हुए हैं। गौरतलब है कि रविवार को समाचार एजेंसी पीटीआइ ने बताया था कि रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में रक्षा मंत्री और मिलिट्री जनरल स्टाफ के प्रमुख को आदेश दिया कि परमाणु रोधी बलों को युद्ध के लिए तैयार रखा जाए। इसकी कई देशों ने कड़ी आलोचना भी की है। रायटर्स के मुताबिक जेलेंस्‍की ने बोरिस जानसन को कहा है कि अगले 24 घंटे यूक्रेन के लिए बेहद खास हैं।
यूक्रेन रूस युद्ध नोडल अधिकारी डिप्टी कलक्टर ने यूक्रेन में फंसे छात्रों के स्वजन से की बात, बोले चिंता न करें, शासन प्रशासन आपके साथ
यूक्रेन में बिगड़े हालातों के बाद जिला प्रशासन की तरफ से शुरू किए गए कंट्रोल रूम में अब तक 27 छात्रों के वहां फंसे होने की जानकारी मिल चुकी है। रविवार को चार और छात्रों के स्वजन ने कंट्रोल रूम में संपर्क किया।कंट्रोल रूम ने सभी की जानकारी लखनऊ में राहत आयुक्त व सचिव राजस्व विभाग को भेज दी है। कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी डिप्टी कलक्टर मोहम्मद जफर खुद छात्रों के संपर्क में हैं। वह अभिभावकों से फोन पर संपर्क कर चिंता न करने के लिए आश्वस्त कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शासन-प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। जल्द छात्र सकुशल लौटेंगे। जिला स्तर पर वहां फंसे छात्रों के अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप भी बना रखा है। इसमें पल-पल की रिपोर्ट दी जा रही है। नोडल अधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित है। किसी के परिवार का कोई सदस्य वहां फंसा है तो इसकी जानकारी उनके मोबाइल व वाट्सएप नंबर 9899372535 पर दे सकता है। कंट्रोल रूम के नंबर 05712420100, ,7906856081, 9837606908, 9315097762 पर भी फोन किया जा सकता है। जिन छात्रों की जानकारी मिली है, उसे लखनऊ भेजा जाता है।
 यूक्रेन में फंसी लखनऊ की छात्रा का वीडियो ट्वीट कर प्रियंका ने लगाई मदद की गुहार, कहा- मन बहुत व्यथित
रूस और यूक्रेन के बीच कई दिनों से चल रहे युद्ध के बीच कांग्रेस की महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने के लिए सरकार से अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार इनकी सकुशल वापसी करवाने का प्रयास करे। इस बीच यूक्रेन में रह रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है।कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूक्रेन में फंसी लखनऊ की एक छात्रा का वीडियो ट्वीट कर सरकार से इन छात्रों की मदद के लिए गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील करते हुए कहा कि यूक्रेन से आ रहे भारतीय छात्र-छात्राओं के वीडियो मन को बहुत ही ज्यादा व्यथित करने वाले हैं। इन बच्चों को भारत वापस लाने के लिए जो कुछ भी बन पड़ता है , भगवान के लिए, वह करिए। उन्होंन ने कहा कि पूरा देश इन छात्र-छात्राओं और इनके परिवारों के साथ है। आपसे आग्रह है कि कैसे भी, सरकार इनकी सकुशल वापसी करवाने का प्रयास करे।
रोमानिया बॉर्डर पर फंसे छह हजार से ज्यादा छात्र, आस-पास के रेस्टोरेंट पर लगा है ‘नो इंडियंस अलाउड’ का बोर्ड
सबसे खराब स्थिति में यूक्रेन में फंसे वो छात्र हैं जो रोमेनिया बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हैं। घर कब जा पाएंगे यह पता नहीं है और बॉर्डर पर न रात गुजारने की कोई व्यवस्था है, न खाने-पीने का कोई इंतजाम है। सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि बॉर्डर के आसपास के जो रेस्टोरेंट हैं, उन्होंने अपने यहां ‘नो इंडियंस अलाउड’ का बोर्ड लगा रखा है।झांसी के रहने वाले डॉ. एसएस सिंह, जो कि इस समय महोबा के एक राजकीय महाविद्यालय में प्राचार्य हैं, उनका बेटा अखिल यूक्रेन में मेडिकल का छात्र है। हजारों अन्य बच्चों की तरह वह भी रोमेनिया बॉर्डर पर फंसा हुआ है। अखिल ने बातचीत में बताया कि उनका लगभग डेढ़ सौ छात्रों का एक ग्रुप बस से रात भर का सफर तय करके रोमेनिया पहुंचा। बॉर्डर तक का लगभग 10 किमी का सफर इन लोगों ने पैदल तय किया। यहां सुबह सात बजे बॉर्डर खुला तो केवल 60-70 बच्चे अंदर किए गए और फिर से बॉर्डर बंद हो गया। बताया गया कि शाम को चार-पांच बजे दोबारा खुलेगा। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कोई रोस्टर या शेड्यूल तय नहीं है कि कब कितने बच्चे बॉर्डर से पार किए जाएंगे। अब भी लगभग छह हजार बच्चे फंसे हुए हैं। अखिल ने बताया कि खाने के लिए बिस्किट या थोड़े-बहुत पैक्ड फूड का इंतजाम तो इन लोगों के पास है लेकिन खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सबसे खराब बात तो यह है कि अगर कोई भारतीय वहां रेस्टोरेंट में जाकर खाना चाहे तो उसका स्वागत ‘नो इंडियंस अलाउड’ के साइनबोर्ड से हो रहा है।
यूक्रेन से वतन वापसी:पिता से लिपट खुशी से रो पड़ीं माधवी, बताई सिहरन पैदा करने वाली सर्द रातों की कहानी
यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला, बिना खाने के साथ रोमानिया बार्डर पर पहुंचने की चुनौती उसके ऊपर माइनस छह से सात डिग्री सेल्सियस तापमान से रातभर जूझने का अनुभव ये विद्यार्थी ही नहीं किसी के लिए भी कठिन व चुनौती भरा होगा। ग्रीन पार्क निवासी मेडिकल छात्रा माधवी अरोरा के लिए भी ये भयावह था लेकिन उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से उतरकर अपने वतन की जमीं पर पैर रखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मानो नया जीवन मिल गया हो। बाहर आकर अपने पिता के गले लगकर उनकी खुशी सातवें आसमान पर थी, इसकी गवाही उनके छलकते आंसू दे रहे थे। वहीं मां व दादी की ममता ने उनको सुकून के पल दिए।माधवी ने बताया कि एयरपोर्ट के बाहर पापा पुनीत अरोरा (घी कारोबारी) के साथ मम्मी रचना अरोरा, दादी नीलम अरोरा को देखा तो अपने आपको उनके गले लगने से रोक नहीं सकीं। बताया कि शुक्रवार शाम रोमानिया बार्डर क्रास कर गए थे। 10 किलोमीटर पहले ही कार ने उतार दिया था। वहां से पैदल ही रास्ता तय किया। शनिवार रात को एयरपोर्ट में जाने के लिए सात घंटे बर्फीली हवाओं के बीच भूखे-प्यासे लाइन में लगे रहे। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे फ्लाइट में बैठने का मौका लगा। और शाम छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। थकान से चकनाचूर माधवी कहती हैं कि अपने देश आकर व परिवार से मिलकर थकान सुकून में बदल गई है। माता-पिता व दादी ने भी बेटी को गले से लगा लिया।
भीषण ठंड के बीच केवल चिप्स और पानी पीने को मजबूर, छात्र बयां कर रहे दर्द
रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच अब भी मेरठ सहित वेस्‍ट यूपी के कई जिलों के छात्र वहीं फंसे हैं। हालांकि कुछ छात्र रोमानिया और अन्‍य देशों के बार्डर तक पहुंच गए हैं लेकिन अभी वहां पर दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है।कंकरखेड़ा के रोहटा रोड निवासी काजल वर्मा भी वहां फंसी हुई हैं। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा काजल यूक्रेन-पोलैंड के बार्डर के बीच हजारों छात्रों के साथ फंसी हुई हैं। यूक्रेन की सेना काजल समेत अन्य छात्रों को पोलैंड के बार्डर तक नहीं जाने दे रही। भीषण ठंड में 26 फरवरी से काजल बार्डर पर चिप्स और पानी पीकर समय बिता रही हैं। यूक्रेन के सैनिक मोबाइल से फोटो भी नहीं खींचने दे रहे हैं। चोरी-चुपके काजल ने अपने स्वजन से बात की और वहां के ताजा हालात से अवगत कराया।रोहटा रोड स्थित सरस्वती विहार दिलावर पैलेस निवासी विनोद कुमार दिल्ली एमसीडी में लिपिक के पद पर हैं। विनोद के परिवार में पत्नी कुसुम, बड़ा बेटा विकास और छोटा बेटा वरुण हैं। विनोद कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्होंने बेटी काजल का दाखिला यूक्रेन के लविव शहर स्थित लविव मेडिकल कालेज में कराया था। कुछ दिनों की छुट्टी में काजल अगस्त-2021 के पहले सप्ताह में घर आई थी। वह 28 अगस्त को वापस यूक्रेन चली गई। रूस और यूक्रेन में चल रहे भीषण युद्ध के बीच सभी विद्यार्थी मेडिकल कालेज से भारत आने के लिए पोलैंड बार्डर की ओर निकल पड़े। इनमें काजल भी शामिल है। विनोद ने बताया कि काजल मेडिकल कालेज से कार में निकली। कुछ किमी बाद ही ड्राइवर ने कार से काजल व साथियों को उतार दिया। उसके बाद वह करीब 25 किमी तक पैदल चलकर यूक्रेन के पहले बार्डर तक पहुंच गई। किसी तरह पहला बार्डर काजल ने पार कर लिया, मगर दूसरे बार्डर पर यूक्रेन की सेना ने रोक लिया। इस जानकारी के बाद क्षेत्र के लोगों का विनोद कुमार के घर तांता लग गया। भाजपा नेता दुष्यंत रोहटा, नबाव ङ्क्षसह लखवाया आदि ने हिम्मत बंधाई।
यूक्रेन में फंसे यूपी के 1173 नागरिक, अब तक 66 की हो चुकी है सुरक्षित वापसी
रूस के हमले के बाद यूक्रेन में उत्तर प्रदेश के भी तमाम नागरिक फंस गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सरकार के पास अभी तक संकलित सूचनाओं के अनुसार वहां 1173 प्रदेशवासी फंसे हुए हैं। दो विमानों से 66 नागरिकों को सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है और बाकी को वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूक्रेन, पोलैंड और रोमानिया में भारतीय दूतावास के सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश के नागरिकों की यूक्रेन से सुरक्षित वापसी के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि राज्य स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम का संचालन चौबीसों घंटे किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में स्थापित टोल फ्री नंम्बर- (0522) 1070 और 94544-41081 के माध्यम से विदेश में फंसे विद्यार्थियर्थि व अन्य व्यक्तियों सहित उनके स्वजन से लगातार समन्वय बनाकर जानकारी जुटाई जा रही है।उन्होंने बताया कि राज्य कंट्रोल रूम में फंसे व्यक्तियों की सूची संबंधित जिलों को भी भेजी गई है और जिलों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय को भी सूची सहित सभी सूचनाएं लगातार भेजी जा रही हैं। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा कंट्रोल रूम द्वारा यक्रूेन, पोलैंड, रोमानिया में स्थित भारतीय दतावास के सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतत नजर बनाई हुई है, ताकि उनके द्वारा जारी नई एडवाइजरी को पीड़ित प्रदेशवासियों तक पहुंचाया जा सके।


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