उत्तर प्रदेश में पोस्ट कोविड मरीजों पर प्रदूषण का वार, इन बीमारियों से घिरे; जानें बचाव के तरीके
उत्तर प्रदेश में पोस्ट कोविड मरीजों पर प्रदूषण का वार, इन बीमारियों से घिरे; जानें बचाव के तरीके
बीते कुछ दिनों से जहरीली हुई शहर की आबोहवा का असर गंभीर रूप से लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। पोस्ट कोविड मरीजों के फेफड़े फूलने लगे हैं वहीं बीते तीन-चार दिन में ही नाक-कान-गले की समस्याएं भी मरीजों को सताने लगी हैं। स्थिति ये है कि अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या करीब 40 फीसदी तक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है।पोस्ट कोविड इफेक्ट के जूझ रहे मरीजों के प्रदूषण से खासी परेशानी हो रही है। चिकित्सक बताते हैं कि कोविड की वजह से पहले ही मरीजों के फेफड़े कमजोर हो गए हैं। अब इनमें सांसे उखड़ने की समस्या देखी जा रही है। वहीं अस्थमा, दमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों के मरीजों को भी समस्या होने लगी है।सुनने की क्षमता भी प्रभावित प्रदूषण के चलते मरीजों में सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो गई है। कानों में दर्द होना, धीमी आवाजें बहुत कम या सुनाई न देना, सूजन जैसी शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।इस बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट, डा. मोहित शर्मा ने बताया कि पोस्ट कोविड मरीजों में सांस की समस्या काफी अधिक देखने में आ रही है। ऐसे मरीजों में फिजियोथेरेपी की मांग काफी बढ़ी है। इससे उन्हें राहत मिलती है। इन दिनों में धुएं व सुगंधित चीजों से दूर रहे।
