बिहार में चालू होने जा रहा एक और एयरपोर्ट, रक्षा मंत्रालय ने शुरू किया जमीन का सर्वे
गोपालगंज: बिहार में एक और एयरपोर्ट जल्द ही चालू होने वाला है. दरभंगा के बाद केंद सरकार की उड़ान योजना में शामिल गोपालगंज का सबेया एयरपोर्ट जल्द ही चालू होगा. एयरपोर्ट को विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है. पिछले दो सप्ताह से रक्षा मंत्रालय की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ जमीन का सर्वे कर रही है. गोपालगंज के सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन ने इस एयरपोर्ट को चालू करने के लिए लोकसभा में कई बार मांग उठाई थी और हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर जमीन की सर्वे के लिए रक्षा मंत्रालय की टीम भेजने की मांग की थी. सांसद ने इस मामले में कहा कि 4 जनवरी को रक्षा मंत्रालय की टीम गोपालगंज पहुंचकर एयरपोर्ट की जमीन का सर्वे कर रही है. सर्वे पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की जमीन की बाउंड्री कराई जाएगी उसके बाद उड़ान योजना के तहत रनवे को तैयार कराया जाएगा. गोपालगंज के डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि 700 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट पर कई जगह लोगों ने अतिक्रमण किया है. रक्षा मंत्रालय और स्थानीय राजस्व विभाग की टीम एयरपोर्ट की जमीन का सीमांकन कर रही है. डीएम ने कहा कि जल्दी सीमांकन का कार्य पूरा कर रक्षा मंत्रालय को जमीन हैंड ओवर किया जाएगा ताकि भविष्य में कई परियोजनाओं में इस जमीन का इस्तेमाल हो सके. सबेया एयरपोर्ट का इतिहास काफी पुराना है. अंग्रेजों ने 1868 में सबेया में 700 एकड़ में फैले इस जमीन पर इस हवाई अड्डे को बनाया था. चीन के नजदीक होने के कारण रक्षा के दृष्टिकोण से यह हवाई अड्डा काफी संवेदनशील था. आजादी के बाद रक्षा मंत्रालय ने इस एयरपोर्ट को ओवरटेक करने के बाद इसे विकसित करने की जगह उपेक्षित छोड़ दिया था. बता दें कि बिहार में सबसे अधिक गोपालगंज और सीवान के करीब डेढ़ लाख से अधिक लोग विदेशों में रह रहे हैं. इनमें से खाड़ी देशों जैसे मस्कट, ओमान, सउदी, ईरान, बहरीन, दुबई जाते हैं. सीवान के बाद विदेशी मुद्रा की सर्वाधिक आवक गोपालगंज में है. यहां से गोरखपुर एयरफोर्स का यूनिट 120 किलोमीटर पर है इसलिए केंद्र सरकार ने पिछले साल सबेया एयरपोर्ट को उड़ान योजना में शामिल किया. अब यहां से घरेलू उड़ान शुरू होने से कारोबार बढ़ेगी और देश में विदेशी मुद्रा लाने वाले कमासूतों को सहूलियत मिलेगी साथ ही सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
