प्रधानमंत्री आवास योजना से पात्र हो रहे वंचित,विधवा महिला खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
प्रधानमंत्री आवास योजना से पात्र हो रहे वंचित,विधवा महिला खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
अलीगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है. पात्र लोग आवास पाने से वंचित है. ऐसा ही मामला अलीगढ़ के टप्पल इलाके के मादक गांव में देखने को मिला है. जहां विधवा महिला का कच्चा मकान बारिश में ढह गया. विधवा महिला खुले आसमान के नीचे बच्चों के साथ गुजर-बसर करने को मजबूर है . पति की 2016 में मौत हो गई. जिसके बाद सिलाई कर बमुश्किल जीवन गुजार रही है. वही आवास सर्वे में नाम शामिल होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया.मालती बताती है कि पिछली आवास योजना में नाम आ गया था. जिसका क्रमांक 416 नंबर था . पहले के प्रधान ने भी आश्वस्त कर दिया था कि आवास योजना का लाभ मिलेगा.लेकिन दूसरे प्रधान ने नाम कटवा दिया, हालांकि मालती ने इसकी शिकायत प्रधान और ब्लॉक के अधिकारियों से की , लेकिन कोई मदद नहीं मिली. मालती बताती है कि मकान का रुपया स्वीकृत हो गया था . चेक भी बन गया था. अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया था , लेकिन वर्तमान प्रधान की वजह से नाम कट गया. मालती बताती है कि गांव का सेक्रेटरी प्रधान के पास ही आते हैं और वहीं से चले जाते हैं.वहीं बिना छत के मालती की जिंदगी मुश्किल से गुजर रही है . वह कहती हैं गरीबों की कौन सुनता है. सरकारी अधिकारी भी आंख बंद किए हुए हैं. मालती बस इतना मांग करती है कि बच्चों के रहने के लिए सुविधा हो जाए. इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी जी से मकान योजना दिए जाने की प्रार्थना कर रही है.तीसरी कक्षा में पढ़ने वाला उदय बिजली के चलते पढ़ाई नहीं कर पाता है. उदय बताते हैं कि सरकार हमारी सुविधा कर दे जिससे ठीक से पढ़ाई कर पाऊं.टप्पल खंड विकास अधिकारी अरविंद कुमार त्यागी ने बताया कि 2011 की सर्वे की सूची में उसका नाम छूट गया था. वही 2017 सर्वे में उसका नाम शामिल है. खंड विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि जल्द मकान मिल जाएगा।
