लखीमपुर खीरी के संयुक्त तत्त्वाधान में महाविद्यालय के गोल्डन जुबली हॉल में 23 से 29 अप्रैल 2025 तक सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन जनजातीय गायन एवं नृत्य “सृजन” कार्यशाला का आयोजन किया गया
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं युवराज दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी के संयुक्त तत्त्वाधान में महाविद्यालय के गोल्डन जुबली हॉल में 23 से 29 अप्रैल 2025 तक सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन जनजातीय गायन एवं नृत्य “सृजन” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ 23-04-2025 को प्राचार्य प्रो. हेमन्त पाल तथा कार्यक्रम संयोजिका प्रो. ज्योति पन्त द्वारा किया गया।आज दिनांक 30-04-2025 को कार्यशाला के समापन समारोह में उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ के निदेशक अतुल द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन समारोह के संचालक प्रो. सुभाष चन्द्रा ने थारू जनजाति गायन व नृत्य-कार्यशाला में विषय प्रवर्तन करते हुए सृजन कार्यक्रम की रूपरेखा से सभा को अवगत कराया। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. ज्योति पन्त ने सृजन कार्यशाला के सम्बन्ध में विस्तार से बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। इसी उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए महाविद्यालय के प्रायः 45 थारू जनजातीय व गैर-थारू विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इसी क्रम में मुख्य अतिथि श्री अतुल द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजातीय गायन, खानपान एवं वेशभूषा सहित विलुप्त हो रही संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हैं। भविष्य में थारू जनजाति को जनपदीय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अधिक से अधिक अवसर देने के प्रयास किए जाएगें। निदेशक महोदय द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।प्राचार्य प्रो. हेमन्त पाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य-अतिथि एवं प्रतिभागियों के आभार व्यक्त करते हुए नई शिक्षा नीति के अनुसार जनजातीय उन्नयन हेतु चलाए जा रहे कार्यक्रमों में महाविद्यालय पूर्ण सहयोग करेगा ऐसा आश्वासन दिया। कार्यक्रम में प्रियांशी व उनके सहयोगियों ने “हम हैं आदिवासी” गीत पर, सोनी एवं वन्दना के समूह ने “होली नृत्य” तथा दृष्टि एवं अनिशा के समूह ने “राणा नृत्य” प्रस्तुत कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। प्रेरणा एवं कुन्ती ने उक्त कार्यक्रम में नृत्य एवं गायन प्रशिक्षण दिया।कार्यक्रम में समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारी सहित अधिक संख्या में छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।
