सामाजिक चेतना फाउण्डेशन न्यास द्वारा मान्यवर बीपी मंडल जयंती जी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब लखनऊ में सामाजिक
लखनऊ : 25 अगस्त 2025 दिन सोमवार को सामाजिक चेतना फाउण्डेशन न्यास द्वारा मान्यवर बीपी मंडल जयंती जी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब लखनऊ में सामाजिक चेतना फाउण्डेशन न्यास द्वारा “सामाजिक न्याय में वोट के अधिकार की भूमिका” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया।सेमिनार में सामाजिक चेतना फाउण्डेशन न्यास के संस्थापक इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह जी, न्यास के अध्यक्ष पूर्व जनपद न्यायाधीश बी डी नकवी जी, उपाध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र वर्मा जी, उपाध्यक्ष एडवोकेट देवेंद्र सिंह जी, सचिव महेंद्र कुमार मंडल जी के साथ न्यास के समस्त पदाधिकारी और सदस्य गण उपस्थित रहे।न्यास में मुख्य रूप से लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मुनेश कुमार, उच्च न्यायालय लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता आईपी सिंह जी, अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव जी, अधिवक्ता रामबाबू सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सेमिनार में प्रतिभाग किया। सेमिनार में अपने विचार रखते हुए पूर्व न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह जी ने कहा की सामाजिक न्याय की संकल्पना धरातल पर तब तक मूर्त रूप नहीं लेगी जब तक मंडल कमीशन की सभी अनुशंसाओं को सरकार द्वारा लागू नहीं किया जाएगा, उन्होंने बताया कि वर्तमान में मंडल कमीशन की सिर्फ दो ही अनुशंसाएं लागू हैं शेष 38 अनुसंधानों को बगैर लागू किया सामाजिक न्याय की संकल्पना एक दिवास्वप्न की तरह है, सेमिनार में बोलते हुए पूर्व जनपद न्यायाधीश बी डी नकवी जी ने समाज में व्याप्त ऊंच नीच छुआछूत और भेदभाव को सामाजिक न्याय के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा बताया उन्होंने कहा कि जब तक समाज जात-पात छुआछूत और धर्म के आधार पर विभाजित रहेगा तब तक इस देश के पिछड़े वंचित और शोषित समाज का कल्याण संभव नहीं है, उन्होंने मान्यवर बीपी मंडल को नमन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से मंडल जी ने देश भर में घूम-घूम कर आंकड़े जुटाए और ओबीसी वर्ग के हितों की रिपोर्ट तैयार की उस रिपोर्ट की जब तक सभी अनुशंसाएं लागू नहीं की जाती हैं पिछड़े वर्ग का भला नहीं होने वाला है।
न्यास के उपाध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र वर्मा जी ने बताया कि उच्च शिक्षा में आज भी पिछड़े वर्ग के प्रोफेसरों की संख्या नगण्य के बराबर है ऐसे में जब तक मंडल कमीशन की सभी शिफारिशों को नहीं लागू किया जाएगा तथा उच्च शिक्षा में पिछड़े वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता तब तक इस देश में सामाजिक न्याय को सही मायने में मूर्त रूप नहीं दिया जा सकता। सेमिनार में बोलते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एडवोकेट राजेश श्रीवास्तव जी ने बताया कि आज भी देश की उच्च न्यायपालिका में पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व न के बराबर है ऐसे में पिछड़े वर्ग के लोगों को न्यायपालिका में उचित प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक न्याय की संकल्पना को साकार किया जा सकता है, इसके अलावा सेमिनार में वरिष्ठ अधिवक्ता आईपी सिंह उच्च न्यायालय लखनऊ, अधिवक्ता देवेंद्र सिंह जी, अधिवक्ता संजय कुमार जी, प्रोफेसर मुनेश कुमार जी सहित अनेक साथियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में न्यास के सचिव एडवोकेट महेंद्र मंडल ने आए हुए सभी साथियों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित कर सेमिनार का समापन किया।
