January 13, 2026

यूपी : अन्नदाता किसानों की समृद्धि एवं खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ है


यूपी : अन्नदाता किसानों की समृद्धि एवं खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
अगेती प्रजातियों के लिए ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजातियों के लिए ₹390 प्रति क्विंटल की नई दरें निर्धारित की गई हैं। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा। यह निर्णय गन्ना किसानों के स्वावलंबन से समृद्धि की यात्रा को नए आयाम प्रदान करेगा। प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जहां भी आवश्यकता पड़ी प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के लिए व्यवस्था को आगे बढ़ाया है। साथ ही, राज्य सरकार गन्ना किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।यूपी सरकार के कुशल निर्देशन एवं पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है कि चीनी उद्योग में ₹12,000 करोड़ की भारी धनराशि का निवेश प्राप्त हुआ है। इसके फलस्वरूप 04 नई मिलें स्थापित हुईं और 06 बन्द चीनी मिलों को पुन: संचालित किया गया है। 42 चीनी मिलों द्वारा भारी क्षमता विस्तार किया गया, जो लगभग 08 बड़ी नई चीनी मिलों के समान है। वहीं, 02 चीनी मिलों में सीबीजी संयंत्र भी स्थापित किए गए हैं।आज एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2017 में एथेनॉल आसवनियों की संख्या 61 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 97 हो गई है। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से गन्ना क्षेत्रफल में लगभग 09 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है और वर्ष 2016-17 के मुकाबले 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। गन्ना क्षेत्रफल की दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि संचालित चीनी मिलों की संख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर है। गन्ना किसानों को समयबद्ध भुगतान कराने के लक्ष्य के साथ रिकॉर्ड भुगतान कराया गया है। वर्ष 2007 से वर्ष 2017 तक ₹1,47,346 करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2017 से अबतक लगभग ₹2,90,225 करोड़ का भुगतान कराया गया है, जो लगभग ₹1,42,879 करोड़ अधिक है।हमारी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए वर्ष 2016-17 के पश्चात् भ्रष्टाचार और अराजकता को समाप्त किया है। गन्ना क्षेत्रफल , गन्ना सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग एवं गन्ना पर्ची की ऑनलाइन व्यवस्था हेतु सेंट्रलाइज्ड वेब बेस्ड स्मार्ट गन्ना किसान व्यवस्था विकसित की गई। उत्तर प्रदेश इस प्रकार की व्यवस्था करने वाला देश में प्रथम राज्य है। भारत सरकार द्वारा भी अन्य राज्यों को यह मॉडल अपनाने के लिए निर्देशित किया गया है।


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