पाली की सांस्कृतिक पहचान और मांड गायकी की अनुपम साधिका, लोककला जगत की गौरवशाली हस्ती गवरी देवी का निधन हो गया है
राजस्थान :पाली की सांस्कृतिक पहचान और मांड गायकी की अनुपम साधिका, लोककला जगत की गौरवशाली हस्ती गवरी देवी का निधन हो गया है। यह राजस्थान की लोक-सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।गवरी देवी ने अपनी मधुर स्वर-लहरियों से मरुधरा की लोकधुनों को जन-जन तक पहुँचाया। भले ही उनकी स्वर-यात्रा आज थम गई हो, किंतु उनकी गायकी, उनकी साधना और लोककला के प्रति उनका समर्पण सदैव अमर रहेगा। उनकी प्रस्तुतियाँ आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने की निरंतर प्रेरणा देती रहेंगी। लोकसंगीत के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा, और राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध बनाने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।इस दुःखद घड़ी में, ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, प्रशंसकों एवं समस्त कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
