2565 वीं त्रिविधि वैशाख पूर्णिमा बुद्ध जयंती के अवसर पर मैत्री धम्म सन्देश
2565 वीं त्रिविधि वैशाख पूर्णिमा बुद्ध जयंती के अवसर पर मैत्री धम्म सन्देश जैसा कि आप सब जानते हैं कि समता, स्वतंत्रता ,बंधुत्व और सत्य, अहिंसा, करुणा, मैत्री की भावना के जनक ,संपूर्ण मानवता के विश्वगुरू तथागत गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं जन्म, , ज्ञान प्राप्ति तथा महापरिनिर्वाण बैशाख पूर्णिमा के दिन हुईं। विवाह के अतिरिक्त तीनों घटनाओं का होना,विश्व के बौद्धो एवं भारत के बौद्ध उपासक- उपासिकाओं के लिए भारतीय संविधान निर्माता बोधिसत्व डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अनुयायियों, भिक्खुओं तथा मानवतावाद के समर्थकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पावन पर्व हैं । इसलिए बैशाख पूर्णिमा को त्रिविधि पावनी मानकर बुद्ध पूर्णिमा के रूप में सम्पूर्ण विश्व के लगभग 96 देशों में बौद्ध श्रद्धालुओं द्वारा मनायी जाती है । संयुक्त राष्ट्र संघ भी बैशाख पूर्णिमा(बुध्द जयंती) को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाता रहा है।बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध के अनुयायी अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग ढंग से मनाते हैं और विभिन्न क्रिया- कलाप जैसे साफ -सफाई, सजावट, पकवान बनाना , बुद्ध वंदना सहित त्रिसरण, पंचशील ग्रहण करना, 22 प्रतिज्ञाओं को पालन करने का संकल्प लेना, मोमबत्ती जलाकर पुष्पांजलि करना, घरों में पंचशील ध्वज लगाना तथा बुद्ध के जीवन की घटनाओं एवं उपदेशों को पढ़कर व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से शिक्षा ग्रहण करते हैं। पूज्य भिक्खु संघ को भोजनदान करते हैं और अपने इष्ट मित्रों के साथ बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं इस बार कोविड-19 कोरोना लॉकडाउन के चलते सभी बौद्ध उपासक एवं उपासिकाएं बुद्धभूमि भारत में आगामी दिनांक 26 मई 2021को रात ⏰07:00बजे एक साथ अपने घरों में रहकर परिवार के साथ बुद्ध के ज्ञान का प्रतीक दीपक/मोमबत्ती/लाइट झालरें जलाकर त्रिसरण, पंचशील/आर्य अष्टांगिक मार्ग का संकल्प लेकर मनाएंगे और अपने अपने घरों में पंचशील ध्वज लगाएंगे।अपने घरों के आसपास इस पावन अवसर पर किसी भी असहाय को भूखा नही रहने देगें। हमारा आग्रह है कि इस “मैत्री धम्म संदेश” को अधिक से अधिक लोगों में शेयर करें ताकि हमारी सामाजिक एवं धार्मिक एकता कायम हो,तथा बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के सपनो का भारत “समता मूलक बौद्ध समाज” की स्थापना, बौद्धमय भारत का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। अभय रत्न बौद्ध ,राष्ट्रीय समन्वयक,
9वीं राष्ट्रीय बौद्ध धम्म संसद बुध्दगया एवं
बौद्ध संगठनों की राष्ट्रीय समन्वय समिति,भारत
मुख्यालय: महाबोधि मेडिटेशन सेन्टर बुध्दगया, जिला- गया (बिहार)
*केंद्रीय कार्यालय :बुध्द कुटीर,284/सी-1, गली नंबर-8, नेहरू नगर, नई
