यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा
लखनऊ लॉकडाउन के चलते बड़े शहरों से पलायन करके पैतृक गांव पहुंचने वालों में सिर्फ मजदूर ही नहीं बल्कि अच्छे खासे पढ़े-लिखे युवक भी हैं हालांकि इन लोगों के पास फिलहाल सरकार की मनरेगा योजना ही अपना और अपनों का पेट भरने का एकमात्र सहारा बचा है यूपी की योगी सरकार ने वापस लौटते लोगों की योग्यता के हिसाब से काम उपलब्ध कराने का दावा किया था लेकिन आर्थिक तंगी के चलते यह लोग मनरेगा में काम करने को मजबूर हैं इसे लेकर यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है मायावती ने कहा जब प्रवासी मजदूर आ रहे थे तब खासकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बात पर जोर दिया था कि प्रवासी लोगों का उनकी योग्यता के हिसाब से रजिस्ट्रेशन होना चाहिए और इन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया भी लेकिन उसके बावजूद भी देखने को मिल रहा है कि जो लोग बड़ी-बड़ी डिग्री लेकर आपको बता दें कि लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही है कि मनरेगा में काम कर रहे लोगों में इंग्लिश से m.a. और बीबीए कर चुके ऐसे युवा भी शामिल हैं जो लॉकडाउन से पहले बड़ी कंपनी में काम करते थे इन युवाओं का कहना है कि कोरोना के चलते किए गए लाभ डाउन ने उनकी जिंदगी के कई सपनों को कुचल दिया अब तो दो वक्त की रोटी के लिए भी भटकना पड़ रहा है प्रदेश में आए हैं आज वह मनरेगा के तहत गड्ढे खोद रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि जब लोग बड़ी-बड़ी डिग्री लेकर गड्ढे खोद देंगे तो इसका शिक्षा पर कितना बुरा प्रभाव पड़ेगा।
