January 13, 2026

उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट को नहीं दी जा रही तवज्जो


विषय-उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट को नहीं दी जा रही तवज्जो। उत्तर प्रदेश में स्पोर्ट को तवज्जो नहीं दी जा रही यदि राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं तो यह सरासर गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश की जनता ने जिसकी सरकार बनाई है पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है पर किसी भी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया उत्तर प्रदेश के लिए यह दुर्भाग्य है 24 करोड़ आबादी वाला प्रदेश एक भी पदक जीतने में नाकामयाब रहा है भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी 41 साल बाद कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहा लेकिन इसमें सरकारों ने सहयोग नहीं किया खिलाड़ियों ने अपना पसीना बहा कर अपने दम पर अपने देश का नाम रोशन किया है यह सच है कि उत्तर प्रदेश के 10 खिलाड़ियों का चयन ओलंपिक खेलों में हुआ था लेकिन क्या उन खिलाड़ियों को अन्य राज्यों की अपेक्षा सही से सुविधाएं मिल पा रही थी खिलाड़ी कहेंगे नहीं देश की जनता उत्तर प्रदेश में 254 करोड रुपए का खेल बजट पास हुआ जबकि बेहद बहुत ही कम था उत्तर प्रदेश के बच्चे खेत में भाग में अपनी प्रतिभा को दिखाते हैं लेकिन सरकारें उनके क्षेत्र के सांसद विधायक मंत्री ध्यान नहीं देते कि बच्चे जो खेत में बाग में खेल रहे हैं हम इन्हें तैयार करके इनकी प्रतिभा के अनुसार सुविधाएं दी जाएं तो यही बच्चे देश का नाम रोशन कर सकते हैं एक खिलाड़ी को तैयार करने के लिए 10:00 12 साल लग जाते हैं साथियों उत्तर प्रदेश में कोई सेंटर नहीं है जिसके दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके ना कोई सुविधाएं ना कोई मौका ना कोई इंतजाम ना कोई संसाधन और तमाम सारी कामनाएं ना कुछ नॉन स्टॉप बच्चे का स्वर्ण पदक या अन्य पदक जीते तो कैसे जीते फटे जूते पहनकर मैदान में दौड़ते हैं जो बजट खेल के क्षेत्र में पास होता है खेल मंत्री उसको मिल बांट कर खा जाते हैं गांव में जो बच्चे फटे जूते पहनकर खेलते हैं यदि उन्हें सही सुविधाएं मिल जाए तो भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं सरकारी विद्यालयों में बहुत सारी सुविधाएं दी जाती हैं बच्चों को लेकिन सपोर्ट के क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती नहीं की जाती कहते हैं यह व्यर्थ का पैसा जाएगा यह मानसिकता है हमारे प्रदेश की सरकारों की और जब अन्य राज्यों के खिलाड़ी पदक जीत कर लाते हैं तो हमारे प्रदेश के वह बच्चे अफसोस करते हैं काश उन राज्यों की तरह हमें भी मौका दिया जाता तो हम भी अपने प्रदेश का नाम अपने देश का नाम दुनिया में रोशन करते लेकिन सरकारी चुपचाप बैठी देख रही सिर्फ मीडिया बाजी कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में सिर्फ जातिवाद का बोलबाला है भ्रष्टाचार आतंकवाद चरम सीमा पर प्रदेश के भविष्य के बारे में कोई नहीं सोच रहा और यही कमी है कि उत्तर प्रदेश पीछे है और रहेगा।
एडवोकेट सुरेंद्र कुमार आजा सिविल कोर्ट लखीमपुर खीरी 9984840818


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *