January 14, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने गरीब प्रदेश बताकर ली चुटकी तुलनात्मक आंकड़ों के साथ योगी सरकार ने घेरा


पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने गरीब प्रदेश बताकर ली चुटकी तुलनात्मक आंकड़ों के साथ योगी सरकार ने घेरा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट कर नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक का हवाला देकर यूपी को निर्धन राज्यों की श्रेणी में शामिल बताकर चुटकी ली। यही नहीं यहां स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सवाल खड़े किए। अखिलेश के सवालों का जवाब आंकड़ों के साथ पेश कर उन्हें राज्य सरकार ने उन्हें आईना दिखाया।सरकारी प्रवक्ता के अनुसार नीति आयोग ने अपने संदेश में स्पष्ट लिखा है कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे(एनएफएचएस)-4 की वर्ष 2015-16 की रिपोर्ट के आधार पर आंकड़े दिए गए हैं। वहीं वर्ष 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। एनएचएफएस-5 की रिपोर्ट जो कि वर्ष 2020-21 की रिपोर्ट है उसमें लिंगानुपात यानी प्रति एक हजार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 1017 हो गई है। जबकि पहले 995 थी। वहीं खाना पकाने में स्वच्छ ईंधन का प्रयोग करने वाले परिवार 32.7 प्रतिशत था अब यह बढ़कर 49.5 प्रतिशत हो गया है।इसी तरह सैनिटेशन सुविधा का प्रयोग वर्ष 2015-16 में 36.4 प्रतिशत से बढ़कर 68.8 प्रतिशत हो गया है। यानी उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत मिशन योजना का लाभ देखने को मिला है। जन्म दर में भी गिरावट आई है पहले 2.7 से घटकर 2.4 हो गया है। वहीं संस्थागत प्रसव पहले 67.8 प्रतिशत था और अब 83.4 प्रतिशत हो गया है। एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की संख्या में भी 5.1 प्रतिशत की कमी आई है। ऐसे में अगर अखिलेश अपने शासनकाल की विफलता देखते तो शायद आज पार्टी का यह हाल न होता।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *