देश में 50 से कम उम्र के अब सात मुख्यमंत्री, सूची में इस प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ली है नई एंट्री
यूपी:देश में 50 से कम उम्र के अब सात मुख्यमंत्री, सूची में इस प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ली है नई एंट्री। भारत में 50 साल से कम उम्र के मुख्यमंत्री बढ़ रहे हैं। भगवंत मान 48 वर्ष इसमें नई एंट्री है। योगी आदित्यनाथ 49 वर्ष इस समूह की अगुआई करते हैं। पिछली सदी में यह दृश्य बेहद दुर्लभ था, क्योंकि इस आयु वर्ग में बहुत कम नेता इस अदृश्य सीमा को तोड़ पाते थे।अभी अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू 42 वर्षं सबसे कम उम्र के सीएम हैं। उत्तराखंड के सीएम पुष्करसिंह धामी 46, गोवा के प्रमोद सावंत व झारखंड के हेमंत सोरेन भी 48 साल के हैं। आंध्र के सीएम जगनमोहन रेड्डी 49 के हैं। समूह में चार भाजपा से, एक-एक आप, वाईएसआर कांग्रेस व जेएमएम से हैं।सबसे पहले एमओएस फारुक 1967 में सिर्फ 29 वर्ष में पुडुचेरी के सीएम बने थे। 1978 में शरद पवार 38 वर्ष में महाराष्ट्र के सीएम बन गए थे। असम गण परिषद के प्रफुल्ल महंत 1985 में 34 की उम्र में सीएम बने।उमर अब्दुल्ला ने 2009 में 38 वर्ष में जम्मू-कश्मीर का सीएम पद संभाला था। प्रकाशसिंह बादल 1970 में जब पंजाब के सीएम बने, तब 43 वर्ष के थे।अखिलेश यादव भी 2012 में 38 वर्ष में यूपी के सीएम बन गए थे। अरविंद केजरीवाल ने भी 45 वर्ष की उम्र में पहली बार दिल्ली की गद्दी संभाली थी।
योगी मंत्रिपरिषद में सबसे अमीर मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, जानिए किसके पास कितनी संपत्ति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिपरिषद के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। योगी के इस 53 सदस्यीय मंत्रिपरिषद से लोकसभा चुनाव 2024 की मजबूत तैयारी भी है। योगी आदित्यनाथ की मंत्रिपरिषद में सबसे अमीर मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह हैं। अमेठी की तिलोई सीट से जीतकर आये मयंकेश्वर सिंह की घोषित संपत्ति 58 करोड़ रुपये है। उन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है,योगी सरकार के सबसे अमीर मंत्रियों में दूसरे नंबर पर राकेश सचान और तीसरे नंबर पर नंद गोपाल गुप्ता नंदी हैं। कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट से जीत दर्ज करने वाले राकेश सचान ने अपनी संपत्ति 37.54 करोड़ रुपये व प्रयागराज की दक्षिण सीट से विजेता रहे नंदी ने 37.32 करोड़ रुपये घोषित की है। चुन कर आये कई ऐसे सदस्य भी हैं, जिनकी संपत्ति 10 करोड़ रुपये से अधिक है।एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बने नितिन अग्रवाल 31.52 करोड़ तथा रविन्द्र जायसवाल 26.98 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपनी संपत्ति 10 करोड़ से अधिक घोषित की है। कैबिनेट मंत्री बने जयवीर सिंह की संपत्ति 17 करोड़ रुपये से अधिक व लक्ष्मी नारायण सिंह की संपत्ति 14 करोड़ रुपये है,कैबिनेट मंत्री बने अरविंद कुमार शर्मा भी 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति के स्वामी हैं। इनके अलावा मंत्रिपरिषद में शामिल सूर्य प्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, बेबीरानी मौर्य, धर्मपाल सिंह, अनिल राजभर, कपिल देव अग्रवाल, गुलाब देवी, असीम अरुण, दयाशंकर सिंह, बलदेव ओलख, संजय सिंह गंगवार, सुरेश राही, प्रतिभा शुक्ला, डा.सोमेन्द्र तोमर व रजनी तिवारी भी करोड़पति हैं।
योगी सरकार 2.0 में मंत्रियों की घटी औसत आयु, संदीप सिंह सबसे कम और डा. अरुण कुमार सक्सेना सबसे उम्रदराज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आने के ठीक 15वें दिन शुक्रवार को योगी सरकार 2.0 की टीम सामने आ गई। यह भी संयोग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित 53 सदस्यों वाली मंत्रिपरिषद की औसत आयु भी 53.74 वर्ष ही है। 2017 में बने मंत्रिपरिषद की औसत आयु 55 वर्ष रही है। नई टीम में अनुभवी नेताओं का सम्मान रखा गया है, साथ ही ऊर्जावान युवाओं को बड़ी संख्या में अवसर दिया गया है। तीन मंत्री ऐसे हैं जिनकी आयु 40 वर्ष से भी कम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 49 बरस के हैं। उनकी बनाई टीम में उम्र और ऊर्जा का अद्भुत समन्वय है। 40 से 60 वर्ष की आयु वाले 36 सदस्य मंत्री बने हैं। टीम में सबसे कम उम्र वाले 31 वर्ष के मंत्री हैं संदीप सिंह। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पोते 2017 में भी राज्यमंत्री बने थे, उनकी कार्यशैली व जनता की नब्ज समझने की वजह से उन्हें इस बार पदोन्नत करके राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है।इसी तरह इकलौते मुस्लिम चेहरा दानिश आजाद अंसारी को 32 वर्ष की उम्र में ही राज्यमंत्री बनने का मौका मिला है, हालांकि वे अभी किसी सदन के सदस्य नहीं है। संगठन में उनके योगदान को देखते हुए विश्वास जताया गया। बाराबंकी जिले की दरियाबाद सीट से विधायक सतीश शर्मा 39 वर्ष के हैं, उन्हें भी पहली बार मंत्री बनाया गया है।इसी तरह से मेरठ के सोमेंद्र तोमर, अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक अनूप प्रधान वाल्मीकि जैसे युवाओं को राज्यमंत्री बनाकर पुरस्कृत किया गया है। बरेली शहर सीट पर लगातार तीसरी बार कमल खिलाने वाले डा. अरुण कुमार सक्सेना एमबीबीएस करने के बाद क्लीनिक चलाते रहे हैं। करीब 20 वर्ष से राजनीति में सक्रिय हैं, उन्हें 74 वर्ष की आयु में पहली बार मंत्री बनाया गया है, ताकि उनके अनुभव का लाभ मिल सके।
