सड़क सुरक्षा माह के तहत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की टैगोर इकाई के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम

सड़क सुरक्षा माह के तहत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की टैगोर इकाई के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्रा के निर्देशन में सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली निकालकर विद्यार्थियों एवं जनमानस को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए संदेश दिया,कि वाहन चालक सावधानी पूर्वक अपने वाहन का परिचालन एवं यातायात नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं से काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं।जागरूकता रैली में उपस्थित स्वयंसेवकों को अभिप्रेरित करते हुए एआरटीओ प्रवर्तन श्री रमेश कुमार चौबे ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण वाहन परिचालन के समय लापरवाही बरतना है।इसलिए यातायात नियमों का पालन करने की जानकारी देकर जागरूक करना युवाओं की जिम्मेदारी है। दुर्घटना के अधिकतर मामलों में तेज गति से वाहन चलाने एवं यातायात नियमों की अनदेखी की बात सामने आती है।यातायात नियमों का पालन करते हुए सजगता के साथ वाहन परिचालन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है यदि आप दोपहिया वाहन चला रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहने और यदि कार या भारी वाहन चला रहे तो सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। इसी क्रम में प्राचार्य डॉ.डी.एन. मालपानी ने बताया कि यातायात नियमों का पालन कर हम अपने और अपने परिजनों का जीवन सुरक्षित रख सकते हैं। एआरटीओ श्री रमेश कुमार चौबे ने एन.एस.एस स्वयंसेवकों तथा उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा शपथ दिलाई।इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक डॉ.डी.के. सिंह, श्री मनोज कुमार, श्री दीपक कुमार बाजपेई, श्री मोहम्मद आमिर, डॉ. कमलेश बाबू गौतम आदि उपस्थित रहे। महाविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नूतन सिंह व डॉ. ज्योति पंत ने सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए शहर के मुख्य मार्गो से होकर एआरटीओ कार्यालय पहुंची जहां उत्तर प्रदेश शासन द्वारा आयोजित आनलाइन सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला में एन एस एस स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग कर प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा सड़क सुरक्षा क्विज में भी प्रतिभाग किया ।कार्यक्रम के अंत में एआरटीओ प्रशासन श्री आलोक कुमार ने सड़क सुरक्षा ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी स्वयंसेवकों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए उत्साहवर्धन किया।
