शिक्षक के साथ बेहतर प्रबंधन के नजीर हैं डॉ. दिनेश
शिक्षक के साथ बेहतर प्रबंधन के नजीर हैं डॉ. दिनेश
शिक्षक को यूं ही नहीं राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी गई है। इस संज्ञा को अलीगढ़ के एक शिक्षा ने साकार कर दिखाया है। शैक्षणिक कार्य के साथ साथ एक बेहतर प्रबंधन का नजीर भी पेश किया है। उस शिक्षक का नाम डॉ. दिनेश पचौरी है, जिन्हें डीएम द्वारा अलीगढ़ रत्न और अलीगढ़ अख्तर पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।माध्यमिक शिक्षा का कायाकल्प करने के लिए सबसे पहले अलीगढ़ डॉ. दिनेश का नाम लिया जाएगा। अपने दस वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने दो उच्च माध्यिक विद्यालय का कायाकल्प कर इंटर कॉलेज में परिवर्तित करवाया। यही नहीं स्कूल के साथ साथ बच्चों की संख्या को तीन तक बढ़ा दिया। डॉ. दिनेश ने बताया कि आगरा विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद उनकी पहली नियुक्ति सहायक अध्यापक के पद पर श्री माहेश्वर इंटर कॉलेज में 1990 में नियुक्ति हुई। उसके बाद उनकी दूसरी नियुक्ति 2009 में आदर्श उ.मा. विद्यालय ऋषि आश्रम, अहलदादपुर में प्रधानाचार्य नियुक्त पर नियुक्त किया गया। डॉ. पचौरी के राष्ट्र निर्माता की यात्रा इसी स्कूल से शुरू हुई। ग्रामीण क्षेत्र में मौजूद विद्यालय के भवन पर उसका नाम तक नहीं था। जर्जर विद्यालय को देखकर उन्हें निराशा हुई। वर्ष 2010 से उनकी असली परीक्षा शुरू हुई। जून 2010 से उन्होंने ग्रामीण और समाजसेवियों से संपर्क करना किया। ग्रामीण और संरक्षक के आर्थिक भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई कराई। भवन को एक नया स्वरूप प्रदान करते नया बरामदा, दो शौचालयों, दो कमरों का लेंटर, फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई। साथ 84 छात्रों की तुलना में छात्रों की संख्या 300 से अधिक हो गई। सन् 1954 में विद्यालय की स्थापना बाद पहली बार 2011 में बोर्ड परीक्षा केन्द्र बनाया गया। 2018 में विद्यालय का स्तर इण्टरमीडिएट कराया, बिजली कनेक्शन, सभी कमरों में पंखे, जनरेटर, सीसीटीवी की व्यवस्था की।
