विपरीत विचारधारा वालों से संविधान बचाने की जरूरत
विपरीत विचारधारा वालों से संविधान बचाने की जरूरत
सर्वप्रथम करुणा के सागर तथागत गौतम बुद्ध ,सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत ज्योतिबा राव फुले, शिक्षा की महानायिका सावित्रीबाई फुले, आरक्षण के जनक कुर्मी राजा छत्रपति शाहूजी महाराज, संतों के संत संत रविदास जी, नारायण गुरु, भारतीय संविधान के निर्माता ,गणतंत्र के महानायक, आधुनिक भारत की युग प्रवर्तक, भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, दलितों शोषित वंचित की राजनीति को मुख्यधारा में लाने वाले DS-4, बामसेफ और बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब और बहुजन समाज में जन्मे तमाम संतो महापुरुषों के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए मुख्य अतिथि व मंच पर मंचासीन तमाम बड़ी -बड़ी हस्तियां और इस कार्यक्रम में आए हुए सभी साथियों का तहे दिल से इस्तकबाल करते हुए जय भीम, जय भारत ,जय संविधान
आज का दिन हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य दिन है कि आज हम 26 नवंबर 2022 को भारतीय संविधान दिवस के रूप में मना रहे आज हम अपने तमाम साथियों से कहना चाहता हूं कि आज सिर्फ संविधान को बचाने की जरूरत है अगर आप सब संविधान को बचा ले गए तो आपकी सारी किताबें गीता, कुरान, बाइबल आदि ग्रंथ बचाएंगे अन्यथा मनुवादी सबको नष्ट कर देंगे ,आज संविधान को जरूरत समाज के हर उस गरीब तबके को है जो सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से कमजोर है .जम्हूरियत को बचाने वाले लोग, संविधान की शपथ खाने वाले लोग, धर्म और जाति के नाम पर वोट लेने वाले लोग, सचमुच में क्या संविधान के प्रति जागरूक हैं यदि नहीं तो मनुवादियों को संविधान से तो कभी मोहब्बत थी ही नहीं,, मनुवादी लोग संविधान को क्यों बचाए ,तिरंगे का सम्मान क्यों करें, देश के इतिहास को क्यों ना बदले, यह सारी चीजें तो उसकी राजनीति के खिलाफ है. संविधान में लिखे हुए हर अल्फाज मनवादियों की आंख में धूल की तरह चुभ रहे हैं ,इसलिए संविधान को तोड़ मरोड़ कर नष्ट कर देना चाहते हैं ! इसलिए हमें जागरूक होना पड़ेगा ,लड़ाइयां लड़नी होगी, संघर्ष करना होगा, आवाज उठानी होगी ,इनके प्रलोभन से बचना होगा.. यह हमें लालच देकर सांसद, विधायक और मंत्री तो बना देंगे पर नेता नहीं बनने देंगे ,और जब तक आप नेता नहीं बनोगे समाज का नेतृत्व नहीं कर पाओगे अपने समाज और देश हित में मुखर होकर बात नहीं कर पाओगे आपको नेता बनने की जरूरत है और जब आप नेता बनेंगे तभी सत्ता पर आसीन होंगे और सत्ता पर आसीन तब होंगे जब आप अपनी विचारधारा को जन जन तक पहुंच जाएंगे इनको सबसे ज्यादा नफरत दो हमारी विचारधारा से ही है क्योंकि हमारी विचारधारा इनकी विचारधारा के खिलाफ है इसलिए आपको अपनी विचार धारा का नेता चुना होगा तभी संविधान बचेगा, देश बचेगा ,आरक्षण बचेगा ,सबका सम्मान बचेगा दलित ,मुस्लिम ,पिछड़ा, शोषित वर्ग को एक साथ मिलकर संविधान बचाने की लड़ाई लड़नी होगी ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अमन चैन से जी सके इसलिए हम सब को एक साथ होकर संघर्ष करना पड़ेगा
एडवोकेट सुरेंद्र कुमार आजाद सिविल कोर्ट लखीमपुर खीरी 9984840818
