January 13, 2026

दिल्ली बॉर्डर पर अन्नदाता का आंदोलन 100 दिन से ऊपर पहुंच गया लगभग 280 किसान शहीद हो गए धरने


तहसील पुवायां शाहजहांपुर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तहसील महासचिव सचिन मिश्रा ने कहा कि सभी देशवासियों के लिए समझने योग्य कुछ मुख्य अंश कृषि बिल कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर अन्नदाता का आंदोलन 100 दिन से ऊपर पहुंच गया लगभग 280 किसान शहीद हो गए धरने पर सत्ता में बैठी सरकार किसानों पर तरह-तरह के आरोप लगाकर देश की सीमाओं की बाढ़ से भी ज्यादा शक्ति दिखाकर अपमान किया जा रहा है विपक्षी पार्टियों पर किसानों को बरगलाने का आरोप लगाया जा रहा है दिल्ली बॉर्डर से अलग किसानों ने नई लाइन पकड़ी है जो देश के अलग-अलग क्षेत्रों में किसान पंचायतों का जागरूकता अभियान चल रहा है जिसमें विपक्षी पार्टियों भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं सत्ता पक्ष अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए एक से बड़ा एक आरोप किसानों और विपक्षी पार्टियों पर लगा रही है बाल की खाल निकालने में राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे को पटखनी देने के लिए भागम भाग है गहराई से अगर समझा जाए तो कृषि बिल के विरोध की जागरूकता मजबूती से गांवों व शहरों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है यूपी में 22 किसान संगठनों ने 1 मार्च से गांव-गांव क्रमिक अनशन आंदोलन शुरू कर दिया है जिसमें तीनों कृषि कानून रद्द सभी फसलों पर एमएसपी पर गारंटी कानून की मांग और डीजल पेट्रोल रसोई गैस बिजली बिल गन्ने का रेट आदि की मांगों को जोड़ दिया है केंद्र सरकार लगभग ₹32 प्रति लीटर डीजल खरीद रही है और बेच रही है 90 प्रति लीटर से ऊपर जबकि कच्चे तेल का प्रति बैरल रेट लगभग 68 है बीजेपी ने काफी सरकारी संस्थाओं को बेच दिया कांग्रेस शासन में कच्चे तेल का रेट लगभग 120 रुपए प्रति बैरल था तब देश में लगभग 70 प्रति लीटर डीजल बेचा जाता था असल सवाल यह भी है कच्चे तेल से ही डीजल पेट्रोल क्रोसिन रसोई गैस तारकोल निकलते हैं जो सभी देशवासियों के लिए आवश्यक वस्तु की जगह काम करता है जिस के बगैर तरक्की जीवन कार्य संभव नहीं खजाना भरने के लिए लगभग 32% वैट लगभग 20% टैक्स वसूला जा रहा है इससे पता चलता है केंद्र सरकार ढोल बजा रही है देश तरक्की की तरफ जा रहा है यह जुमला साबित होता दिखाई दे रहा है एमएसपी पर गारंटी कानून बनने पर 1975 रुपए गेहूं का मूल्य 29 00 बनता है 23 फसलों को एमएसपी में बताया जाता है अगर इन सभी पर हिसाब लगाएं तो मोदी सरकार किसानों का लगभग 50 लाख करोड रुपए डकार गई 2011 में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को लेटर लिखा था जिसमें वर्तमान के प्रधानमंत्री मोदी जी एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की सिफारिश कर रहे थे कृषि कानून में केंद्र सरकार 18 संशोधन करने को तैयार है लेकिन कृषि बिल रद्द नहीं एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने को तैयार नहीं बाल की खाल निकालने वाली राजनीतिक पार्टियों को मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए चुनाव में हार का डर को देखते हुए विपक्षियों पर हमलावर है इन सभी बिंदुओं पर नजर डाली जाए तो बीजेपी सरकार के लिए चारों तरफ से खतरे की घंटी बज रही है क्योंकि हजारों कानून मोदी सरकार ने भ्रम व जाति धर्म में उलझा कर विरोधियों को बैकफुट पर फेंक दिया लेकिन कृषि बिल विरोध में देश की जनता को एकता के धागे में पिरो कर पिछले बने बर्बादी के कानूनों को भी ताजा कर दिया भारत देश का जो मुख्य नारा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सभी भारतवासी भाई भाई जय जवान जय किसान अन्नदाता ने ताजा कर दिया सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग मीडिया मैनेज पैसे की ताकत हमेशा काम नहीं आता क्योंकि सच्चाई छुप सकती है समाप्त नहीं की जा सकती इसी वजह से अंदर खाने बीजेपी के खिलाफ विरोध के सुर उठ रहे हैं बाल की खाल निकालने वाली राजनीतिक पार्टियां पलीता लगा रही हैं जिन के तीन बिंदु भ्रष्टाचार महंगाई बेरोजगारी ताकत बनकर उभर रहे हैं बीजेपी के तीन बिंदु झूठ गुमराह नफरत गर्दिश की तरफ जा रहे हैं ऊपर वाले की रहमत अन्नदाता के साथ दिखाई दे रही है जिसमें लगभग 25 देशों ने तीन कृषि बिलों पर नाराजगी जाहिर की है किसी ने खूब कहा है छोका छोका क्या फिरे है क्या लगावे घाट तुझसे पहले मैं फिरू हूं लिए तराजू बाट एकता सम्मान हक से सबकी तरक्की पक्की निजी स्वार्थ बिना विचार बदनामी बर्बादी सबकी इसमें मौजूद रहे पेशकर मिश्रा कौशल किशोर मिश्रा विनय मिश्रा गोविंद मिश्रा निखिल मिश्रा छोटू मिश्रा तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे जय जवान जय किसान हम सबका भारत देश महान तिरंगा देश की शान।


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