हाईकोर्ट में जाकर फंस गया निकाय चुनाव का मामला
हाईकोर्ट में जाकर फंस गया निकाय चुनाव का मामला
इस बार निकाय चुनाव में विभागीय स्तर पर विलंब हुआ। नगर विकास विभाग ने वार्डों का आरक्षण दिसंबर में जारी किया। पांच दिसंबर को मेयर और अध्यक्ष की सीटों का प्रस्तावित आरक्षण जारी किया गया। इस पर सात दिनों में आपत्तियां मांगी गई थीं। नगर विकास विभाग यह मान कर चल रहा था कि 14 या 15 दिसंबर तक वह अंतिम आरक्षण जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम सौंप देगा। इस बीच मामला हाईकोर्ट में जाकर फंस गया।
