अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई
निकाय चुनाव में ओबीसी सीटों के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2010 में ट्रिपल टेस्ट फार्मूला अपनाने का फैसला दिया था। इसमें साफ कर दिया गया था कि आयोग का गठन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वार्डों और सीटों काे आरक्षित किया जाएगा। इसके बाद भी नगर विकास विभाग ने इसकी अनदेखी की। पिछड़ों की गिनती के लिए सिर्फ नए निकायों में रैपिड सर्वे कराया गया, पुरानों को छोड़ दिया गया। इस कारण बड़ी संख्या में आरक्षण को लेकर आपत्तियां आईं। हाईकोर्ट में भी कई याचिकाएं लग गईं। सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद उच्च स्तर पर नाराजगी जताई गई है। जल्द ही जिम्मेदारी तय की जाएगी कि कैसे इतनी बड़ी गलती हुई। इसी आधार पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
