January 13, 2026

नए संसद भवन के सहारे देश की संस्कृति एवं इतिहास के स्वरूप में परिवर्तन


केंद्र की भाजपा सरकार नए संसद भवन के सहारे देश की संस्कृति एवं इतिहास के स्वरूप में परिवर्तन जो किया है वह बहुत ही दुखद है नए संसद भवन में अशोक स्तंभ का अनावरण किया गया वह देश के तमाम करोड़ों लोगों के लिए बहुत ही गर्व की बात है लेकिन साथ ही साथ अशोक स्तंभ के स्वरूप में जो परिवर्तन किया गया वह बहुत ही दुख की बात है जैसे पूर्व में भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं के स्वरूप में परिवर्तन कर उनके इतिहास को मिटाने का काम किया गया उसी प्रकार वर्तमान सरकार अशोक स्तंभ के स्वरूप में परिवर्तन कर इतिहास को दोहराना चाहती हैं नए संसद भवन का अनावरण देश के राष्ट्रपति या लोकसभा अध्यक्ष द्वारा होना चाहिए था देश के प्रधानमंत्री द्वारा नहीं लेकिन इन्हें तो फीता काटने की आदत पड़ गई है हां यदि इसका अनावरण प्रधानमंत्री महोदय द्वारा किया गया था तो अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व अन्य धर्म गुरुओं को भी आमंत्रित करना चाहिए था यह देश किसी एक धर्म का नहीं है देश में हिंदू, मुस्लिम ,सिख ,इसाई ,पारसी, बुद्ध ,जैन आदि धर्म के लोग रहते हैं उनको भी बुलाना चाहिए था क्योंकि इस संसद भवन में जो पैसा लगा है वह सिर्फ भाजपा के लोगों का नहीं है देश के तमाम करोड़ों करोड़ों लोगों का पैसा लगा है जो भाजपा से कोई ताल्लुक नहीं रखते इसलिए भाजपा के समर्थकों को छोड़कर अन्य तमाम करोड़ों करोड़ों लोग राष्ट्रीय चिन्ह के साथ जो छेड़खानी की गई है उससे आक्रोशित हैं क्योंकि यह सब समझ चुके हैं की हमारी संस्कृति को समाप्त करने का यह पहला कदम है इसलिए विरोध कर रहे हैं अशोक स्तंभ बौद्ध धर्म से जुड़ा है और बौद्ध धर्म की परंपरा वह संस्कृति को नष्ट करने के लिए यह एक षड्यंत्र है भाजपा देश की संस्कृति एवं शिक्षा को समाप्त करना चाहती है ताकि हमेशा हमेशा के लिए सत्ता पर काबिज रहा जा सके के लिए कुर्सी ही सब कुछ है आप नया हिंदुस्तान बनाइए हमें कोई एतराज नहीं लेकिन देश की संस्कृति एवं शिक्षा के साथ छेड़खानी नहीं होना चाहिए अशोक के बारे में जानना है तो 273 ईसा पूर्व का इतिहास पढ़ना होगा भारत आज सांप्रदायिक दृष्टि से बट चुका है इसी का भाजपा फायदा उठाना चाह रही हैं धर्म के नाम पर सत्ता हासिल करना इनकी आदत बन गई हमें इनके खिलाफ आवाज उठानी होगी ताकि देश की संस्कृति व देश को बचाया जा सके

एडवोकेट सुरेंद्र कुमार आजाद सिविल कोर्ट लखीमपुर खीरी


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