अलीगढ़ की एतिहासिक नुमाइश की तैयारी अभी आधी अधूरी 29 जनवरी को होना है उद्घाटन
अलीगढ़ की एतिहासिक नुमाइश की तैयारी अभी आधी अधूरी 29 जनवरी को होना है उद्घाटन
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल अलीगढ़ की एतिहासिक नुमाइश (अलीगढ़ महोत्सव) 29 जनवरी से सजने जा रही है। राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के उद्घाटन में भले ही अब दस दिन से भी कम का समय रह गया हो, लेकिन तैयारियां अब तक आधी- अधूरी है। मात्र झूले, सर्कस को छोड़कर नुमाइश के विभिन्न बाजारों में तैयारियां तो चल रही हैं, लेकिन अभी उन्हें परवान चढ़ने में कुछ वक्त लगने के आसार हैं। हालात इतने खराब हैं कि धूल के गुबार उड़ रहे हैं और जगह- जगह गंदगी के अंबार लगे पड़े हुए हैं। कई स्थानों पर जलभराव के भी हालात हैं। नुमाइश परिसर में बनी अधिकांश सड़कें टूटी पड़ी हुई हैं। इनकी अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। रंगाई-पुताई का काम भी बेहद कछुआ गति से चल रहा है। अभी तक प्रशासन की ओर से नुमाइश में होने वाले कार्यक्रमों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। ऐसे में नुमाइश के तय वक्त तक शुरू होने और रंगत में आने को लेकर भी संशय दिखाई पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उद्घाटन से पहले ही सब कुछ दुरुस्त कर लिया जाएगा।कृषि मंडप में कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए विभिन्न प्रजातियों की फसलों के प्रदर्शन के लिए मैदान में अभी क्यारियां बनाने एवं फसल बोबाई आदि का कार्य शुरू किया गया है। यही हाल उद्योग मंडप का है। यहां अभी तक व्यापारिक गतिविधियों के प्रदर्शन के लिए दुकानों एवं शिविरों का आवंटन न हो पाने से यहां तैयारियां ही शुरू नहीं हो पायी हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बने कृष्णांजलि एवं कोहिनूर मंच को संजाने की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। नीरज -शहरयार पार्क में भी सजावट का काम धीमा है,नुमाइश प्रभारी एवं अपर जिलाधिकारी नगर मीनू राणा ने बताया कि प्रदर्शनी में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। खेलकूद को बढ़ावा देने वाली प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रमों को उचित मंच दिया जाएगा। इस बार सभी कार्यक्रम स्तरीय होंगे। नुमाइश की तैयारियों एवं आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी तैयारियां उद्घाटन के तय समय से पहले ही पूरी कर ली जाएंगी।
