चाइनीज मांझा, जो वर्तमान में व्यापक रूप से उपयोग हो रहा है, न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि मानव जीवन और पक्षियों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है
दिल्ली :चाइनीज मांझा, जो वर्तमान में व्यापक रूप से उपयोग हो रहा है, न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि मानव जीवन और पक्षियों के लिए भी घातक सिद्ध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, इसका उपयोग खुलेआम जारी है।इस मांझे में उपयोग किए जाने वाले नायलॉन और अन्य सिंथेटिक सामग्री न केवल गैर-बायोडिग्रेडेबल हैं, बल्कि इसके तेज धागे से हर वर्ष हजारों निर्दोष पक्षी और नागरिक गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, पिछले वर्ष, देशभर में 500 से अधिक पक्षी और 100 से अधिक नागरिक चाइनीज मांझे की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार हुए। त्योहारों के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है, जब सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर दुर्घटनाओं की संभावना दोगुनी हो जाती है।इसलिए, @mygovindia से विनम्र निवेदन है कि चाइनीज मांझे पर लगाए गए प्रतिबंध को सख्ती से लागू करवाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएं:
1. प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
2. प्रशासन और पुलिस विभाग को इस सामग्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।
3. जनता को इसके खतरों और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रभावी अभियान चलाए जाएं।
4. माता-पिता और स्कूलों में अध्यापकों द्वारा बच्चों को इस विषय पर जागरूक करना आवश्यक है।
5. चाइनीज मांझे की “ऑनलाइन बिक्री” पर विशेष निगरानी की जाए।
6. दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।इसके साथ, सरकार को पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल मांझे को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि नागरिक सुरक्षित रूप से अपनी परंपराओं का पालन कर सकें और पर्यावरण संतुलन बना रहे।हमें विश्वास है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर त्वरित और ठोस कदम उठाएगी, ताकि नागरिकों और पर्यावरण को इस खतरनाक समस्या से बचाया जा सके।
