कोरोना कहर के चलते संकट में मध्यम वर्गीय परिवार
पत्रकार रफीक खान की कलम से:मिडिल क्लास परिवार का मकान भी अच्छा बना होगा रहन-सहन भी अच्छा होगा कपड़े भी अच्छे होंगे बोलने का तरीका भी अच्छा होगा बात करने का लहजा भी अच्छा होगा देखने में किसी चीज की कमी नहीं लगेगी लेकिन उनके घर के अंदर का हाल सिर्फ वही जानता है मध्यम वर्गीय परिवार भूखा लेटा रहता है लेकिन किसी से ऐसी मदद नहीं मांगता है जिससे उसकी खुद्दारी को ठेस पहुंचे ना वो ऐसी कोई मदद लेगा जिस मदद का फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा हो कोरोना कहर के चलते हैं उनकी दुकानें भी बंद है उनकी हर तरफ से इनकम बंद है इस करोना कहर ने मध्यमवर्गीय परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं इन मिडिल क्लास वालों का दर्द आखिर कौन समझेगा यह एक गंभीर समस्या है क्योंकि मिडिल क्लास वाले जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा नाम कमाने में लगा देते हैं और दूसरा इज्जत बचाने में अपने आत्मसम्मान के खातिर किसी से मदद मांगने में भी शर्माते हैं क्योंकि यह ना तो अमीरों की श्रेणी में आते हैं और ना ही गरीबों की श्रेणी में आते हैं।
